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दुनियाँ की सबसे बड़ी औद्धोगिक त्रासदी “भोपाल गैस त्रासदी” के हुए 38 साल, आज भी उस भयंकर रात को याद करके सिहर जाते है लोग

दुनियाँ की सबसे बड़ी औद्धोगिक त्रासदी “भोपाल गैस त्रासदी” के हुए 38 साल, आज भी उस भयंकर रात को याद करके सिहर जाते है लोग  2-3 दिसम्बर 1984 की...

चूहों को बिना मारे कैसे भगाएं? जाने अचूक नुस्का!

  बिना मारे भगाना चाहते हैं चूहों को घर से तो इससे बेहतर तरीका नहीं मिलेगा कहीं, दुम दबाकर भागेगें Rats Rats Home Remedies: ऐसे कई तरीके हैं...

लघु कथा - ....और दिवाली में मेरे घर भी उजाला आएगा, मैं भी दिवाली मनाऊंगा

लघु कथा - ....और दिवाली में मेरे घर भी उजाला आएगा, मैं भी दिवाली मनाऊंगा गांव के साहूकार का पहले ही बहुत कर्ज हो चुका था और कुछ दिनों बाद दि...

जंगल के स्कूल forest school

 जंगल के स्कूल हुआ यूँ कि जंगल के राजा शेर ने ऐलान कर दिया कि अब आज के बाद कोई अनपढ़ न रहेगा। हर पशु को अपना बच्चा स्कूल भेजना होगा। राजा साह...

मेरी पारिवारिक भूमिका/ family responsibilities

"बेटा! थोड़ा खाना खाकर जा..!! दो दिन से तूने कुछ खाया नहीं है।" लाचार माता के शब्द हैं, अपने बेटे को समझाने के लिये। "देख मम्म...

"कुदरत सिखाती है जीना" Nature teach lives

"कुदरत सिखाती है जीना" बस ऊँचे ही बढ़ते जाना, कभी न रुकना न ठहरना आसमान को छू लेने की, एक आरजू पूरी करना धरा से ऊपर उठने की, सबमे ह...

हम जूठा व बासी नहीं खाते! अगली बार यह कहने से पहले सोचियेगा , Jago Bharat! Jago!!

कुछ दिन पहले एक परिचित दावत के लिये उदयपुर के एक मशहूर रेस्टोरेंट में ले गये। मैं अक़्सर बाहर खाना खाने से कतराता हूँ, किन्तु सामाजिक दबाव तल...

मूर्ति पूजा एक आस्ता विश्ववास

 मूर्ति पूजा की जाय या नहीं एक राजा था। वह मूर्ति पूजा का घोर विरोधी था। एक दिन एक पंडित उसके राज दरबार में आया और राजा को ललकारा हे राजन! त...

आजकल की नालायक औलाद का इलाज Treatment of today's unworthy child

आजकल की नालायक औलाद का इलाज    अब 50+की पीढ़ी को बहुत समझदार होने की जरूरत है। इस तरह के केस हर दूसरे घर की कहानी हो गई है।  मेरे एक दोस्त क...

गुमनाम बचपन

 कविता - गुमनाम बचपन सडको पर गुजरते दिन, किसी कोने में गुजरती रात ये खुदा! क्या कुसूर है मेरा, क्यों नहीं है तू मेरे साथ  बचपन में सहलाने वा...

लघुकथा : जीवन का बोझ

जीवन का बोझ एक कौआ माँस का बड़ा सा टुकड़ा लिये उड़ रहा था तभी बाजों के झुँड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया कौआ बहुत डर गया। वह उनसे बचने के लि...

हंस और उल्लू (A moral story)

(ये कहानी आपको झकझोर देगी 2 मिनट में एक अच्छी सीख अवश्य पढ़ें....) एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीर...

ईश्वर जो करता है अच्छे के लिए ही करता है..!

विश्व के मनुष्य का परहित का चिंतन पर विशेष लेखक- वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार मांझी एक राजा था जिसे शिल्प कला अत्यंत प्रिय थी। वह मूर्तियों की ख...

लेने-देने की साड़ियाँ

लेने-देने की साड़ियाँ आप शादियों के सीज़न में किसी भी साड़ी की दूकान पर चले जाइए ... आपके यह कहते ही कि " भैया ,साड़ियाँ दिखाइये "  दु...

घमण्ड- एक बार सोचना ज़रूर, कहीं हम भी किसी चीज़ का घमण्ड तो नहीं कर रहे है।

 घमण्ड़          एक आदमी को इस बात पर बहुत घमण्ड था कि मेरे बिना मेरा परिवार नहीं चल सकता, उसकी एक छोटी सी किराने की दुकान थी उससे जो भी कमा...

घमण्ड- एक बार सोचना ज़रूर, कहीं हम भी किसी चीज़ का घमण्ड तो नहीं कर रहे है।

 घमण्ड़          एक आदमी को इस बात पर बहुत घमण्ड था कि मेरे बिना मेरा परिवार नहीं चल सकता, उसकी एक छोटी सी किराने की दुकान थी उससे जो भी कमा...

किस्से कहानियों से दूर होते बच्चे, पुराने समय में नैतिक शिक्षा का सशक्त माध्यम थी कहानियाँ

आलेख - किस्से कहानियों से दूर होते बच्चे, पुराने समय में नैतिक शिक्षा का सशक्त माध्यम थी कहानियाँ एक समय था जब बच्चे दादा-दादी, नाना-नानी, म...

किस्से कहानियों से दूर होते बच्चे, पुराने समय में नैतिक शिक्षा का सशक्त माध्यम थी कहानियाँ

आलेख - किस्से कहानियों से दूर होते बच्चे, पुराने समय में नैतिक शिक्षा का सशक्त माध्यम थी कहानियाँ एक समय था जब बच्चे दादा-दादी, नाना-नानी, म...

मातृ दिवस पर माँ को समर्पित कविता - माँ

 कविता -माँ ----------------------------- माँ एहसास है ममता का  माँ एहसास है प्यार का त्याग का बलिदान का  प्रेम करूणा स्नेह संतान का। हजारो ...